मोटू पतलू की जोरी एपिसोड 58 – गुलाबी हाथी

मोटू पतलू की जोरी एपिसोड 58 – गुलाबी हाथी



मोटू पतलू की जोरी में हम मोटू और पतलू की जोड़ी और गुलाबी हाथी की कहानी पढ़ेंगे.साथ ही साथ हम मोटू पतलू वीडियो भी देखेंगे.



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कहानी की शुरुआत – मोटू पतलू की जोरी

फुरफुरी नगर में एक नयी सर्कस आयी है.सर्कस देखने के लिए बेहद सारे लोग जमा हो है.खासकर सर्कस का हाथी लोगो को बेहद पसंद आ रहा है.फुरफुरी नगर में हरकोई उस हाथी की तारीफ कर रहा है.कैसे हाथी चलता है, कैसे हाथी खुर्सी पर बैठता है यह सब देखकर लोग बेहद खुश है.मोटू पतलू भी उस हाथी के करतब देखने के लिए सर्कस जाना चाहते है लेकिन उनके पास तिकीट के पैसे नही है.और बिना तिकीट के कोई उन्हें अंदर जाने नही देगा.इसलिए मोटू पतलू एक प्लान बनाते है.दोनों चुपके से हाथी को देखने के लिए चले जाते है.


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दोपहर का वक़्त है इसलिए सब सर्कस के कलाकार रात को होनेवाले शो की प्रैक्टिस कर रहे होते है. कलाकारों के रंगीन कपडे देखकर मोटू पतलू को बेहद मजा आता है.प्रैक्टिस कर रहे कलाकारों की कलाबाजियां देखकर मोटू पतलू खुश हो जाते है.लेकिन उन्हें अब उस हाथी की याद आती है जिसके बारे में फुरफुरी नगर में सब लोग चर्चा कर रहे होते है.उस हाथी को देखने के लिए मोटू पतलू की जोरी सर्कस का कोना कोना छान मारते है.लेकिन उन्हें हाथी नही दिखाई देता.

हाथी न दिखने से मोटू पतलू की जोरी नाराज होकर एक जगह पर बैठ जाती है.तभी उन्हें हाथी के चीखने की आवाज आती है.दोनों उस तरफ दौड़ने लगते है.थोड़ी देर दौड़ने के बाद उन्हें एक हाथी दिखाई देता है. इस हाथी को रिंगमास्टर रस्सी पर चलना सीखा रहा होता है.लेकिन हाथी रस्सी पर नही चलना चाहता.हाथी के रस्सी पर न चलने से रिंगमास्टर को गुस्सा आ जाता है और वो हाथी को हंटर से मारता है.हंटर के मार से हाथी के आँखों में पानी आ जाता है.हाथी को रोता देख मोटू पतलू की जोरी भी रोने लगती है.

हाथी की रिहाई – मोटू पतलू की जोरी

मोटू पतलू को लगता है की बिचारे हाथी पर जुल्म हो रहा है.हमें उसे रिंगमास्टर के चंगुल से छुडाना होगा.हाथी को रिंग्समास्टर के चंगुल से छुड़ाने के लिए मोटू पतलू उस रिंगमास्टर की तरफ जाते है और उसे हाथी को छोड़ने के लिए कहते है.रिंगमास्टर हाथी को छोड़ने से मना कर देता है.तब मोटू पतलू बड़ी चालखि से हाथी के पैरो में बंदी रस्सी खोल देते है और हाथी आजाद हो जाता है.हाथी की रस्सी खोलकर मोटू पतलू वहा से भागने लगते है.उनको भागता देख हाथी भी उनके पीछे भागता है. हाथी को भागता देख रिंगमास्टर उसे पकड़ने के लिए भागता है.

सब लोग भागते भागते सर्कस से बाहर आ जाते है.मोटू पतलू रस्ते पर रखी एक साइकिल से भागने लगते है.हाथी भी उनके साथ भागता है.इन तीनो की स्पीड ज्यादा होने की वजह से रिंगमास्टर पीछे रह जाता है. मोटू पतलू और हाथी इतना तेज भागते है की वो रुक ही नही पाते और एक दिवार से टकरा जाता है.हाथी भी रुकने की कोशिश में एक धोभीघाट में गिर जाता है जहा साड़ियों को रंग दे रहे होते है.वहा पे रखा गुलाबी रंग हाथी के ऊपर गिर जाता है और हाथी गुलाबी रंग का हो जाता है.मोटू पतलू हाथी का रंग निकालने की कोशिश करते है मगर रंग नही नीकलता.

घसीताराम की एंट्री – मोटू पतलू की जोरी

हाथी को लेकर मोटू पतलू चायवाले के पास आते है.मोटू पतलू के साथ गुलाबी हाथी को देखकर चायवाला चौक जाता है. मोटू चायवाले से कहता है की हाथी को भूक लगी है थोड़े समोसे खिला दो.चायवाला मोटू को पहले पैसे देने के लिए कहता है.लेकिन मोटू पतलू के पास एक भी पैसा नही होता.वो दोनों चायवाले से कहते है भैया हम आपको पैसे दे देंगे थोड़े समोसे तो दे दो.चायवाला मना कर देता है. उतने में वहा घसीताराम आ जाता है.गुलाबी हाथी को देखकर घसीताराम भी चौक जाता है.घसीताराम कहता है मेरे बिस साल के तजुर्बे में मैंने कभी गुलाबी हाथी नही देखा.

गुलाबी हाथी तो उपरवाले का रूप होता है.जो भी इस हाथी को पेटभर खाना खिलायेगा उसे तरक्की मिलती है उसके धंदे में बरकत आती है.धंदे में बरकत की बात सुनकर चायवाला लालच में आ जाता है.वो हाथी को समोसे और लड्डू खिलाने लगता है.आजूबाजू के दुकानदार भी हाथी को खिलाने लगते है.हाथी के खाने में से बिच बिच में मोटू भी लड्डू और समोसे खाने लगता है.हाथी की वजह से मुफ़्त में समोसे और लड्डू खाने को मिलने से मोटू को बड़ी ख़ुशी होती है.लेकिन पतलू को यह पसंद नही आता.वो सबको बता देता है की यह कोई गुलाबी हाथी नही है.इसे रंग लग गया है.

कहानी का अंत – मोटू पतलू की जोरी

पतलू की बात सुनकर सब लोगो को गुस्सा आ जाता है.सब लोग मोटू पतलू की पिटाई करने लगते है.पिटाई से बचने के लिए मोटू पतलू वहा से भागने लगते है.मोटू पतलू को भागता देख हाथी भी उनके पीछे भागने लगता है.थोड़ी देर भागने के बाद मोटू पतलू और हाथी रुक जाते है.मोटू पतलू सोचने लगते है कि हमने रिंगमास्टर के चंगुल से हाथी को आजाद तो कर लिया लेकिन अब हम इसका करेंगे क्या.दोनों सोचने लगते है तभी पतलू के दिमाग में आइडिया आती है.पतलू मोटू को बताता है की हम हाथी को जंगल में छोड़ देंगे.वहा यह खुश रहेगा और कोई इसे दोबारा सर्कस में नही लाएगा

हाथी को जंगल में छोड़ने के लिए मोटू पतलू हाथी को लेकर जाने लगते है.तभी उन्हें रिंगमास्टर मिल जाता है.वो हाथी को लेने के लिए अपने साथ सर्कस के लोगो को लाता है.सब लोग मोटू पतलू और हाथी के पीछे पड़ जाते है.हाथी मोटू पतलू को अपने पीठ पर बिठा लेता है और भागने लगता है.भागते भागते तीनो एक पुलिया पर पोहंच जाते है.पुलिया के उस और जंगल होता है.मोटू पतलू हाथी के पीठ से निचे उतरते है और हाथी को पुलिया के उस पार भेज देते है. हाथी के उस पार पोहचते ही मोटू पतलू पुलिया की रस्सी काट देते है.पीछे से आ रहा रिंगमास्टर आगे नही जा पाता और बिचारा हाथी उसके चंगुल से बच जाता है.हाथी पुलिया के उस पार से मोटू पतलू को अपनी सूंड हिलाकर शुक्रिया कहता है.और ख़ुशी ख़ुशी जंगल की तरफ चला जाता है.और यही कहानी ख़त्म हो जाती है.

वीडियो देखिए – मोटू पतलू की जोरी एपिसोड 58 : गुलाबी हाथी

मोटू पतलू की जोरी



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